1.
धुँआ अधजली छान से ही निकलता है ,
चाहे फिर वो
प्यार की हो या नफरत की ...............
चाहे फिर वो
प्यार की हो या नफरत की ...............
2.
6.
खाना खाना सिर्फ एक काम ही तो है ,
न जाने क्यों लोग ,
इतना वक़्त बर्बाद करते है
खाना खाने और बनाने में...........
.7
जिस्म का हर घाव तो भर जाता है ,
ग़र बहुत मुश्किल होता है
फिर से प्यार करना सिख पाना ...............
कितना कुछ कहना चाहते है ये लब्ज तुझे ,
लेकिन चेहरा तेरा मेरे लफ्ज़ ही बदल देता है ........
3.
गिले -शिकवे मिटा देना तुम भी
बहुत ख़ुशी होती हैं किसी को अपना पाकर,
अभी जाना मैने ........
बहुत ख़ुशी होती हैं किसी को अपना पाकर,
अभी जाना मैने ........
4.
लोग कहते है तुम्हे बोलना नही आता
क्युकी तुम सुनती नही ,
अब उन्हें कौन बताये
हर किसी की बातें हम सुनते नही ,
और जिसकी सुनते है
उसकी बातें सबको बताते नही .........
क्युकी तुम सुनती नही ,
अब उन्हें कौन बताये
हर किसी की बातें हम सुनते नही ,
और जिसकी सुनते है
उसकी बातें सबको बताते नही .........
खाना खाना सिर्फ एक काम ही तो है ,
न जाने क्यों लोग ,
इतना वक़्त बर्बाद करते है
खाना खाने और बनाने में...........
.7
जिस्म का हर घाव तो भर जाता है ,
ग़र बहुत मुश्किल होता है
फिर से प्यार करना सिख पाना ...............
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