Thursday, 11 December 2014

कुछ बातें

1. बेखौफ जीते रहे इस ज़िंदगी में ,
अचानक एक प्यार का झोका आया
और चला गया ,
आज हर पल डर के जीते है ,
की कहीं किसी से फिर प्यार ना हो जाये
 
 
2. जिंदगी से बढ़कर चाहा था तझे ,
खुदा से बढ़कर माना था तझे ,
गलती एक हो गयी बस ,
मौत आने से पहले ही पहचान लिया तुझे ........
 
 
3. रिश्तोँ मेँ छिपा दर्द
दिखता नहीँ ,
लेकिन महसूस होता हैं
जब हम जीते हैँ उन्हेँ ...
 
4. कुछ शब्द बदल देते है रुख ज़िंदगी का ,
कैसा रहेगा अगर हम एक बार,
ज़िंदगी की Dictionary ही खंगाल ले ............

Thursday, 20 November 2014

कुछ कदम वो.....................

कुछ कदम वो चले 
कुछ कदम हम,
जाने कैसे अचानक 
कोई एक कदम पीछे  रहे गया , 
 प्यार की डोर में एक 
सिलवटे का धागा रहे गया , 
आज भी याद आते है जब वो कदम 
तो मुस्कुरा जाते है हम ,
दूरिया आज है तो भी क्या 
वो प्यार  के दो लम्हे भी 
किसी से नही थे कम .......................

Friday, 31 October 2014

तेरी याद............. KUCH JANI PHCHANI YAADE.......................


KUCH JANI PHCHANI YAADE.......................

1.
तेरी याद आना तो
एक बहाना है ,
हकीकत तो यह
की
तेरे बिना जीना अब,
मुश्किल हो गया है मेरा ...
 


2.
 ये छोटी छोटी खुशियाँ है ख्वाहिशें है मेरी ,
ए खुदा जिसे तू अपना मान पूरा कर दे ,
उसी के लिए शुक्रिया तेरा .............. 


3.
याद करते करते तुझे
जब खुश हो जाती हूँ बहुत,
आँखेँ भर आती हैँ
सोचकर की
सिर्फ यादेँ ही तो हैँ
तेरी मेरे पास ,
तू तो जाने कहाँ हैँ ...


 4.
प्यार में सबसे ज्यादा दर्द तब होता है
जब सामने वाला जान कर भी अनजान बन जाये
और कहे दे की
"तुम्हारी जिंदगी है यार जो चाहो करो ."............

उनकी हर दुआ कबूल कर लेना मेरे रब ,
उनकी दुआए कबूल होगी तो ,
कुछ ख्वाहिश हमारी भी पूरी हो जायगी .........


5.
एक प्यार का नगमा ,
एक दिल की कहानी ,
एक कभी ना सुनी दासता ,
एक लबों की जुबानी ,
कुछ कुछ अपनी सी ही लगती है
एक तेरी
और एक वही मेरी कहानी ...............







Tuesday, 21 October 2014

कुछ बाते मेरी भी सुनो

1.
धुँआ अधजली छान से ही निकलता है ,
चाहे फिर वो
प्यार की हो या नफरत की ...............

2.
कितना कुछ कहना चाहते है ये लब्ज तुझे ,
लेकिन चेहरा तेरा मेरे लफ्ज़ ही बदल देता है ........

3.
गिले -शिकवे मिटा देना तुम भी 
बहुत ख़ुशी होती हैं किसी को अपना पाकर,
अभी जाना मैने ........

4.
लोग कहते है तुम्हे बोलना नही आता 
क्युकी तुम सुनती नही ,
अब उन्हें कौन बताये 
हर किसी की बातें हम सुनते नही ,
और जिसकी सुनते है 
उसकी बातें सबको बताते नही .........

5.
आज फिर मन करा की मर जाऊ
बहुत जी चुकी जिंदगी ,
आख़िर क्या फलसफा इसका निकला
जरा उस खुदा से पहुंच कर तो आउ ..............
6.
खाना खाना सिर्फ एक काम ही तो है ,
न जाने क्यों लोग ,
इतना वक़्त बर्बाद करते है 
खाना खाने और बनाने में...........

.7
जिस्म का हर घाव तो भर जाता है ,
ग़र बहुत मुश्किल होता है
फिर से प्यार करना सिख पाना ...............

Wednesday, 15 October 2014

दिल की बात


1.
बेताब रहा करते थे जिन 
लम्बी रातो में जगने को हम ,
आज उन्हीं के जल्दी गुजर जाने 
का इंतज़ार किया करते है .............

2.
बड़ी मुश्किलों से मिलते है 
ये प्यार के लम्हे,
रुक जा जरा तुझे छूके 
तेरे साथ का एहसास कर लूँ ............

3.
देख आसमां, मूँद लेना आखे 
जब भी डर लगे ,
एहसास जरूर होगा उसके हाथ का ................

Sunday, 12 October 2014

कुछ नगमे प्यार के.......

1. 
कभी रोये दिल अगर 
तो आंसू भी गिरा देना ,
कुछ दर्द होगा हल्का तो 
राहत तुझे ही मिलेगी.............

2.
प्यार ना करना मेरे दोस्त 
दिल बहुत दुखता है ,
जाने वाला चला जाता है ,
टप टप गिरते आँसू संग 
बस तू ही हर पल मरता है ................

3.
वक़्त से पूछा मैंने 
कब तक मेरे साथ हैं ,
वक़्त बोला, बता 
कब तक तुझे खुद पर विश्वास है .............

4.
कभी दिख जाते है आँसू 
तो कभी ऐठ जाता है मन ,
याद तो हर एक पल आती है तेरी 
बस कभी दिल भर आता है तो कभी आँखे ..............

5.
तन्हाईयाँ मिलती नहीं 
हम खुद चुरा लेते है ,
दर्द होता है थोड़ा मगर ,
उन्हें खिलखिलाता देख 
हम भी मुस्कुरा लेते है .......

Thursday, 4 September 2014

गुरु ज्ञान

WISH YOU A VERY 
HAPPY TEACHERS DAY............

A TEACHER IS VERY IMPORTANT IN LIFE.........

एक गुरु जब जीवन में आये 
जीवन के सारे अर्थ बदल जाए ,
सिखा कर वो नित नई बातें 
दुनिया की हहक़ीक़त बतलाए ,
कभी भूमिका निभाए मित्र की ,
कभी जटिल समस्याओं के रंग दिखाए ,
स्कूल से कॉलेज तक
हर शब्द का वो अर्थ बताए ,
अपने शिष्य की मुश्किल को
जैसे चुटकियों में हल कर जाए ,
बन दीपक वो खुद जल
रोशन शिष्य का जीवन कर जाये ,
गुरु पर्व के इस अवसर पर
आओ हम सब उनके शीश नवाए...................

Tuesday, 22 April 2014

ELECTION- 2014

                                 चुनाव  - 2014 
सरकार भीड़ से नही एक आदमी से बनती है,अगर कही हज़ार लोग खड़े है तो वो सरकार नही हैं , सरकार वो कहलाएगी, जहाँ एक आदमी अपने विचार प्रकट कर राह दिखा  रहा होगा और हज़ार लोग उसे सुन रहे होंगे। 
       भारत में चल रही राजनीति आज खिचड़ी  जैसी प्रतीत हो रही है, खासतौर पर 2014 के चुनाव। एक तरफ राहुल ग़ांधी है ( कांग्रेस सरकार  ) जो पीछे 10 साल  से शासन कर रही है, समझ नही आता वो सरकार चला रहे है या पैसा और समय बर्बाद कर रहे है ,.दूसरी और है मोदी सरकार  (भाजपा ) - एक पूर्ण हिंदुनिष्ठ व्यक्ति।  जिसके बारे में लोगों की राय है की अगर उनकी सरकार आई तो भारत भ्र्ष्टाचार मुक्त हो या न हो , मुसलमान मुक्त जरूर हो जायेगा।  और तीसरी तरफ है अरविन्द केजरीवाल,(आम आदमी पार्टी ), वो खुद को आम आदमी तो कहते है लकिन वो खुद कितने आम आदमी है ये कोई नही जनता , वे दिल्ली  के,मुख्यमंत्री बने और 49दिनों में ही सरकार छोड़ उठ गये।  ऐसी  है हमारे आज के नेताओ की पहचान।
     ये किसी राजनीति चल रही है हमारे देश में, हिन्दु परेशान है कांग्रेस की महंगाई और भर्ष्टाचार से और मुसलमान डर रहे हैं मोदी की सरकार से, और बची आम आदमी पार्टी तो उसको तो खुद आम आदमी ही नही जान पा रहा। हमारा देश भारत ऐसा तो नही था। 
आज हमे किसी सरकार की नही, सच्चे इंसान की जरूरत  है जो हम खुद है।   हम से ही शुरू होता है ये देश और हम पर ही खत्म। किसी सरकार की अच्छाई  या बुराई दखने से अच्छा  है हम स्वयं को और अपनी विचारधाराओं को बदले,तभी ये देश बदलेगा।  

                      आम आदमी मै  हुँ   ,             
                      आम आदमी तू है ,
                         सच्चा  मै  हु ,
                         अच्छा  तू  है ,
                जरूरत है बस  एक राह  की   
                     मुसाफ़िर  ही मै  हुँ  
                  और मुसाफ़िर  ही तू  है। 

Thursday, 17 April 2014

उनकी गलतियाँ भी क्या दोहराये बार बार 
जिनमे खुद ही कोई शर्म नहीं ,
हम तो हम ही शर्मिंदा है हमारी उन आदतों पर 
जिनमें किसी के लिए कोई बैर नही....