Sunday, 8 February 2015

किसी का प्यार कबूल नही होता ,
 तो किसी की जुदाई सही नहीं जाती ,
वक़्त यूही चलता जाता है एक सच्चे
हमसफ़र की तलाश में ,
लेकिन वो शख्सियत नजर नही आती ………

Tuesday, 3 February 2015

R WE REALLY FREE ???

Whenever we meet a new person
we ask his or her name
n if they did tell their whole name we ask their SURNAME
but then after we are not satisfy
and wee always ask
SO BASICALLY FROM WHICH CAST U BELONG...

I want too ask
cant we make any relationship
without knowing others cast or religion.......

Saturday, 31 January 2015

My Views about LIFE.........

यूँ तो लाखों महफ़िले सजाई है हमने भी
लेकिन मतलब आज जाना महफ़िल का
जब मौजूदगी आपकी पायी ........

उसकी कमी तो आज भी खलती है
लेकिन खुश है अब ,
शायद उनके बिना जीना सीख चुके है हम ........

महोब्बत क्या छूटी उनकी ,
हम तो ज़िंदगी जीने के
मकसद ही भूल गए .....

आज के समय कोई प्यार से बेटा कह दे ,
तो लगता है
हां इंसानियत जिन्दा है अभी दुनिया में .........

Tuesday, 20 January 2015

ye juthi duniya.......

क्या आर्टिफिशल नही
आज दुनिया में ,
चमकते नाख़ून से
बनावटी प्यार तक
बिकता है बाज़ारों में ,,,,,,,,,,,,,

 तन्हाई की इस भीड़ में
हम तो आज भी वही है ,
बस कमी हैं तो तेरी
उन नजरों की ,
जो अक्सर ढूढ़ा करती थी हमे .............

क्यों कुछ बातें हम लड़कियां
सोच कर ही रहे जाती है ,
मन तो करा था, वहीं सिर फोड़
ज़मीन में गाड़ देती उसे ........

Sunday, 11 January 2015

suchhaaiiiii.............. us pyaar kii jo kia tha kbi.....


3 mins ·
प्यार उतना ही करना
जितनी दुरिया सह सको ,
हद से ज्यादा हुआ प्यार
न ज़िंदगी जीने देता है ,
न मरने की इज़ाज़त ................


प्यार है मेरे दोस्त ये सजा नही
मिला है तू जिले इसे 
नही मिला तू भी कोई दगा  नही.........

जिंदगी में गम नही इतने
जितनी जीने को खुशियाँ है
सोचो तो पतझड़ है हर तरफ
और देखो तो
सावन की फुलझड़िया है.......


हक तुझे है खेल मुझसे इक खिलौना जानकर....!! और मेरा फ़र्ज़ है मैं टूट कर हँसता रहूँ....!!
 
चलो नींद के दफ्तर में हाज़िरी लगा आते हैं,
वो सपनो में आये
तो ओवर टाइम भी कर लेंगे.........


Saturday, 3 January 2015

GAME may be about LOVE, but LOVE cant be a GAME....

GAME may be about LOVE, but LOVE cant be a GAME....
कितना भुलाऊ तुझे यार
हर मोड़ पर याद छुपी है ,
नजर घूमती नहीं की
आवाज़ सुनाई दे जाती है,
महसूस होते है वो पल
जहॉ हम बैठा करते ,
लड़ा करते थे ,
हँसा करते थे ,
आँसू आँखों से मेरी
तुम पोछा करते थे ,
तो क्यों तुम
इतनी दूर चले गए ,
तन्हा मुझे छोड़ गए ,
बहुत अकेले है
हम तेरे बिना,
काश तुम लौट आते ,
और यदि आना नहीं था तुम्हे
तो एक बार तो पूछ जाते
की
क्या तुम रहे पाओगी मेरे बिना ??…………